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फिर उठी देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग, तीर्थ पुरोहितों ने बनाई आंदोलन की रणनीति

Dehradun News: उतराखंड में देवस्थानम बोर्ड को लेकर एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों ने कड़ा रुख अपना लिया है. तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है. जिसकी शुरुआत 27 नवम्बर से की जाएगी. बता दें कि 27 नवम्बर को तीर्थ पुरोहित काला दिवस मनाएंगे. चारों धामों के तीर्थ पुरोहित हाथ में काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल मंत्रियो के आवास का भी घेराव किया जायेगा.

बैठक में लिया ये फैसला

बता दें कि देवस्थानम बोर्ड के विरोध में चार धाम तीर्थ पुरोहित-हकहकूधारी महापंचायत की बैठक हुई. जिसमें तीर्थ पुरोहितों ने आगामी रणनीति पर मंथन किया. बैठक में तय किया गया कि 27 मार्च को काला दिवस मनाया जाएगा और इसके बाद एक-एक कर आगामी रणनीति के तहत आंदोलन होंगे. इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों ने यह भी तय किया कि देहरादून के गांधी पार्क पर बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें प्रदेशभर के तीर्थ पुरोहित शामिल होंगे. और जरूरत पड़ी तो इसे आमरण अनशन में तब्दील किया जाएगा.

मांगें नहीं मानने पर बड़ा होगा आंदोलन

इतना ही नहीं तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो इसके लिए जल समाधि भी दी जाएगी. लेकिन जब तक सरकार देवस्थानम बोर्ड को भंग नहीं करती तब तक तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन जारी रहेगा. चार धाम महापंचायत से केदारनाथ अध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने कहा कि जिस तरह से कृषि कानून को रद्द करने के लिए किसानों ने बड़ा आंदोलन किया और 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए उसी तरह यदि सरकार देवस्थानम बोर्ड को भंग नहीं करती है तो ये आंदोलन भी इसी तरह से होगा उसके लिए चाहे कितनी भी जान गंवानी पड़े. उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर से देहरादून के गांधी पार्क में प्रदर्शन किया जाएगा.

पुरोहित मंत्रियों के आवास का करेंगे घेराव – सूत्र

इतना ही नहीं सूत्रों के हवाले से ये भी जानकारी मिली है कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए तीर्थ पुरोहित कल यमुना कॉलोनी में मंत्रियों के आवास का घिराव करेंगे. क्योंकि कल धामी सरकार की कैबिनेट बैठक भी है. और उससे पहले तीर्थ पुरोहित सरकार पर ये दबाव बनाना चाहते हैं कि कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया जाए. इसलिए तीर्थ पुरोहित 23 नवंबर को मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे और सरकार पर दबाव बनाकर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग करेंगे.

बोर्ड को लेकर कब क्या हुआ

  • 27 नवम्बर 2019 को कैबिनेट की मंजूरी. 
  • 9 दिसंबर को विधेयक सदन में पेश हुआ.
  • 10  दिसंबर 2019 में सदन से विधेयक हुआ पास.
  • 14 जनवरी 2020 को देवस्थानम विधेयक को राजभवन ने मंजूरी मिली.
  • 24 फरवरी 2020 को देवस्थानम बोर्ड का सीईओ नियुक्त हुआ.
  • 24 फरवरी 2020 से देवस्थानम बोर्ड का पुरोहितों ने शुरू किया विरोध.
  • 11 सितंबर 2021 को पुष्कर धामी ने सीएम बनने के बाद संतों को बुलाकर विवाद खत्म करने का आश्वासन दिया.
  • 30 अक्टूबर 2021 तक विवाद निपटाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन मुद्दा नहीं निपटा.
  • अब 30 नवंबर तक का आश्वासन दिया गया है.

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