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Bihar News: सरकार ने माना शराब पीने से हुई लोगों की मौत, जानिए विजय कुमार सिन्हा ने क्या कहा

पटनाः बिहार में जहरीली शराब से गोपालगंज और बेतिया में कोहराम मच गया है. बीते मंगलवार की शाम से लेकर गुरुवार दोपहर तक गोपालगंज में 17 और बेतिया में 10 लोगों की संदिग्ध मौत हुई है. इसके अलावा कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह संख्या अभी और बढ़ेगी. इस बीच गोपालगंज के जिलाधिकारी ने 9 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टी की है. वहीं सरकार ने भी मान लिया है कि शराब पीने से मौत हुई है.

विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “बिहार में शराब के सेवन से हुई मौतें शासन-प्रशासन के लिए कठिन चुनौती हैं. इसके गुनाहगारों को शीघ्र सलाखों के पीछे पहुंचाना होगा. आइए इस दीपावली पर हम बिहार को नशामुक्त बनाने सहित किसी के घर में अंधेरा नहीं छाने देने का संकल्प लें.”

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वहीं बिहार सरकार के मंत्री जनक चमार ने कहा कि जहरीली शराब की आड़ में बड़ी साजिश दिखाई दे रही है, पीने वाले और मरने वाले गरीब तबके के लोग होते हैं और छापेमारी में गरीब लोग पकड़े जाते हैं. जांच होगी तो स्पष्ट होगा कि इसके पीछे कौन लोग हैं.

तेजस्वी यादव ने सरकार पर बोला हमला

उधर, तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा कि मुजफ्फरपुर में पांच दिन पूर्व जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत हुई. बुधवार और गुरुवार को गोपालगंज में 20 लोग मरे. इसके अलावा बेतिया में आज 13 लोग की मौत हुई. उन्होंने कहा कि अधिसंख्य शवों को पुलिस बिना पोस्टमार्टम के जला रही है. इन मौतों के जिम्मेदार क्या शराबबंदी का बेसुरा ढोल पीटने वाले मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री नीतीश कुमार नहीं हैं?

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हुए दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शह पर उनके मंत्रियों और पुलिस प्रशासन ने स्वयं मतदाताओं के बीच शराब वितरण किया. किस बात की शराबबंदी? इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? 

चिराग पासवान ने भी नीतीश कुमार को घेरा

चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा, “बेतिया में जहरीली शराब पीने से हुई मौत की घटना अत्यंत निंदनीय है. मैं ईश्वर से सभी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. दिवाली के दिन जिनके घरों में मातम छाया है उसका जिम्मेदार कौन है मुख्यमंत्री जी? आखिर और कितनी मौतों का इंतेजार करेंगे आप? बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल है. यह घटना मुख्यमंत्री जी के शराबबंदी के दावों की पोल खोलती है.”

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