States

बंद पड़े व्यवसाय को त्योहारों से मिली नई जान, मूर्तियों की बढ़ी डिमांड से खुश मूर्तिकार

Idols Demand in Agra: कोरोना काल के बाद से सभी व्यवसाय ठप थे, उसी कड़ी में पिछले दो साल से गणेश विसर्जन और नवरात्रों में रखी जाने वाली भगवान की मूर्ति भी नहीं रखी जा रही थी. लेकिन इस साल से सरकार द्वारा आदेश दिया गया कि लोग अब नवरात्रि का त्योहार मना सकते हैं और भगवान की मूर्ति को रख सकते हैं. इस आदेश के बाद से मूर्ति विक्रेताओं के चेहरे पर खुशी है. लोगों का साफ कहना है कि, पिछले दो साल से हम अपना जीवन बहुत मुश्किल से गुजार रहे थे, लेकिन इस साल सरकार द्वारा आदेश दिया है, जिसके बाद से लोग भगवान की मूर्ति खरीदने के लिए निकल रहे हैं. 

कोरोना की वजह से बंद थे व्यवसाय

आपको बता दें कि, कोरोना के बाद से सभी व्यवसाय बंद थे. मूर्ति विक्रेताओं के साथ-साथ अन्य व्यापारी भी परेशान थे, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा लोगों की परेशानी के समाधान के लिए इस वर्ष नवरात्रों के त्योहार पर मूर्ति रखने और उनको विसर्जन करने का आदेश दे दिया. इस आदेश की जानकारी होने के बाद से लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है. सरकार द्वारा गाइड लाइन में साफ बताया गया है कि कोरोना की गाइड लाइन का पालन करने के साथ ही नवरात्रों के त्योहार को मनाएं. मास्क का और सोशल डिस्टनसिंग का पालन अवश्य करें. शहर के नामनेर पर स्थित एक मूर्ति विक्रेता का कहना है कि  कारोबार खत्म हो गया था, इस बार सरकार ने आदेश दिया है. आदेश को ध्यान में रखते हुए हम काम कर रहे हैं. 

बड़ी मूर्तियों की डिमांड कम

ग्राहक मूर्ति खरीदने के लिए आ रहे हैं, लेकिन अभी छोटी मूर्तियां ज्यादा खरीद रहे हैं, बड़ी मूर्तियों की ज्यादा डिमांड नहीं है. इस बार सरकार ने अनुमति दी है. जिसके बाद हमने मिट्टी की पांच फुट की मूर्ति खरीदी है. जिसको नौ दिन के बाद यमुना में विसर्जन के लिए ले जाएंगे. एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि, सरकार के द्वारा आदेश दिया गया है कि कोरोना प्रोटोकॉल की गाइड लाइन पालन करते हुए त्योहार को मनाया जायेगा. अगर ऐसा नहीं होता है, जो व्यक्ति कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायगी.

ये भी पढ़ें.

Agra IG on Smart City Project: आईजी रेंज आगरा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर खड़े किए सवाल, कंपनी पर लगाया ये आरोप

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button