States

Kedarnath Dham में उमड़ रही भक्तों की भीड़, पैदल मार्ग से ही दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

Kedarnath Dham: इन दिनों केदारनाथ (Kedarnath) का दरबार भक्तों से भरा हुआ है. बाबा केदार के दर्शन करके भक्त भी बेहद खुश हैं. सांयकालीन आरती में भारी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं और बाबा केदार के जयकारे लगा रहे हैं. 18 सितम्बर से अभी तक नौ हजार से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके है. हाइकोर्ट (High Court) के आदेश के बाद इस बार ई-पास के जरिये दर्शन हो रहे हैं. एक दिन में 800 ई-पास ही जारी हो रहे हैं. भक्त पैदल मार्ग से ही दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं.

बाबा केदार के दर्शन करके भक्तों में बेहद उत्साह है. सुबह से शाम तक मंदिर परिसर भक्तों से भरा पड़ा है. महाराष्ट्र से आये भक्तों ने कहा कि वह पहली बार यहां आए हैं और बाबा केदार के दर्शन करके धन्य हो गए हैं. उन्हें रास्ते में भी कोई परेशानी नहीं हुई है. हालांकि भक्तों का भी कहना है कि ई-पास की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए.

केदारनाथ के मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने बताया कि श्रद्धालु कोविड नियमों का पालन करते हुए बाबा के धाम पहुंच रहे हैं. बाबा के धाम में प्रातःकाल बालभोग की पूजा हो रही है. इसके बाद 7 बजे मंदिर के कपाट खोला जा रहा है और दो बजे तक भक्त दर्शन कर रहे हैं. तीन बजे मंदिर बंद होने के बाद पांच बजे फिर से खोला जाता है और फिर रात आठ बजे आरती की जाती है. उन्होंने बताया कि भगवान शिव के 12वें ज्योतिर्लिंग में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग में भगवान केदारनाथ का धाम प्रसिद्ध है. यहां आने से सात जन्मों के पापों का निवारण होता है.

कोविड की वजह से धाम में सीमित लोग आ रहे हैं

गोत्र हत्या से मुक्ति पाने के लिए पांडवों ने हिमालय की ओर प्रस्थान किया था और भगवान शंकर ने उन्हें केदारनाथ में पृष्ठ भाग में दर्शन दिए. यहां स्वयंभू लिंग है और यह सिद्ध स्थान है. केदार मंदिर के दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. कोविड की वजह से धाम में सीमित लोग आ रहे हैं.

ये भी पढ़ें:  

Balveer Giri Pattabhishek: महंत नरेंद्र गिरि की षोडसी और बलवीर की ताजपोशी के लिए छपवाए गए 2 तरह के कार्ड, इन्हें भेजा जाएगा VIP कार्ड   

UP Election 2022: यूपी चुनाव के लिए कब जारी होगी कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट? पार्टी खेमे से आई है बड़ी खबर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button