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बिहार: आरा मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की संदेहास्पद स्थिति में मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप

आरा: शहर के टाउन थाना क्षेत्र स्थित आरा मंडल कारा में गुरुवार की दोपहर संदेहास्पद स्थिति में एक विचाराधीन बंदी मौत हो गई. घटना को लेकर लोगों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी मची. वहीं, घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश भड़क उठा. आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया. हंगामे के दौरान उन्होंने जेल में पदस्थापित एक सिपाही की जमकर धुनाई कर दी. हालांकि, किसी तरह सिपाही ने भाग कर अपनी जान बचाई.

इधर, घटना की सूचना मिलते ही टाउन थाना की पुलिस और नवादा थानाध्यक्ष अविनाश कुमार दलबल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मिल घटना की पूरी जानकारी ली. इसके बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ. मिली जानकारी अनुसार मृतक टाउन थाना क्षेत्र के गौसगंज मोहल्ला निवासी स्व.मेवालाल राम के 62 वर्षीय पुत्र रामप्रवेश पासवान है. वह लगभग एक साल से जेल में बंद था.

बता दें कि प्रोपटी डीलर नंद किशोर पासवान के पुत्र व कुख्यात अपराधी मिथुन पासवान की शहर के टाउन थाना क्षेत्र के गौसगंज में 8 जून, 2020 में हथियारबंद अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या बाद मिथुन पासवान के परिजनों द्वारा आशीष पासवान सहित नौ लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिसिया दबिश के कारण 3 जुलाई वर्ष 2020 को आशीष पासवान ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. जबकि मृतक विचाराधीन बंदी रामप्रवेश पासवान ने 18 सितंबर 2020 में कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद से वह जेल में था.

मृतक के पोते अविनाश पासवान ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने और सही खाना ना देने का आरोप लगाया है. उसने बताया कि कैदी तबीयत करीब 10 दिनों से खराब चल रही थी. इसी माह के 23 तारीख को जब वह कोर्ट में तारीख पर आए थे, तो उनकी तबीयत खराब थी. आज दोपहर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फोन पर सूचना मिली कि उसके दादा की मौत हो गई, जिसके बाद वे आरा सदर अस्पताल पहुंचे तो देखा कि इमरजेंसी वार्ड के ओटी में शव रखा हुआ है.

मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्हें जेल प्रशासन द्वारा तबीयत खराब होने और मृत्यु होने से संबंधित कोई सूचना नहीं दी गई थी. घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है. हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.

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