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राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखेंगे मोदी, जानें जाट राजा का अलीगढ़ कनेक्शन

PM Visit in Aligarh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 14 सितंबर को अलीगढ़ के लोधा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह (King Mahendra Pratap Singh) राज्‍य विश्‍वविद्यालय और रक्षा गलियारा (डिफेंस कारिडोर) की आधारशिला रखेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन तमाम तैयारियों में जुटा हुआ है. दरअसल, साल 2014 में बीजेपी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बीच कैम्पस में उनका जन्मदिन मनाने को लेकर काफी विवाद हुआ था. जिसके बाद से राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2019 के उपचुनाव में इगलास क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि एएमयू की तर्ज पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय बनाया जाएगा. अब उस जाट राजा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है. आखिर कौन थे जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह और अलीगढ़ से उनका क्या कनेक्शन था. जानिए इस रिपोर्ट में.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म 1 दिसंबर 1886 को हाथरस के मुरसान के राजा घनश्याम सिंह के घर हुआ था. वह घनश्याम सिंह के तीसरे पुत्र थे. तीन वर्ष की उम्र में हाथरस के राजा हरनारायण सिंह ने उन्हें पुत्र के रूप में गोद ले लिया था. 1902 में उनका विवाह बलवीर कौर से हुआ था जो जिंद रियासत के सिद्धू जाट परिवार की थीं.

इतिहासकार मानवेंद्र कुमार पुंडीर बताते हैं कि हाथरस के जाट राजा दयाराम ने 1817 में अंग्रेजों से युद्ध किया था. मुरसान के जाट राजा ने भी युद्ध में उनका साथ दिया. अंग्रेजों ने दयाराम को बंदी बना लिया. 1841 में दयाराम का देहान्त हो गया. उनके पुत्र गोविन्द सिंह गद्दी पर बैठे. 1857 में गोविन्द सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया फिर भी अंग्रेजों ने गोविन्द सिंह का राज्य नहीं लौटाया. अंग्रेजों ने कुछ गांव, 50 हजार रुपये नकद और राजा की पदवी देकर हाथरस राज्य पर पूरा अधिकार छीन लिया. राजा गोविन्द सिंह की 1861 में मृत्यु हो गई. संतान न होने पर अपनी पत्नी को पुत्र गोद लेने का अधिकार दे गये थे. 

रानी साहब ने जटोई के ठाकुर रूप सिंह के पुत्र हरनारायण सिंह को गोद ले लिया. वे अपने दत्तक पुत्र के साथ अपने महल वृन्दावन में रहने लगी. राजा हरनारायण को कोई पुत्र नहीं था. इसलिए उन्होंने मुरसान के राजा घनश्याम सिंह के तीसरे पुत्र महेंद्र प्रताप को गोद ले लिया. इस तरह महेंद्र प्रताप मुरसान राज्य को छोड़कर हाथरस राज्य के राजा बने. उन्होंने अलीगढ़ में सर सैयद खां द्वारा स्थापित स्कूल में बीए तक शिक्षा ली, लेकिन इसकी परीक्षा में पारिवारिक संकटों के कारण बैठ नहीं सके. एएमयू को राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने काफी जमीन दान दी जहां आज एएमयू का सिटी हाई स्कूल बना हुआ है. ये जमीन राजा महेंद्र ने लीज पर दी थी जिसकी मियाद भी 2019 में ख़त्म हो गई है.

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