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चिराग पासवान ने लगाई मूर्ति तो मचा ‘बवाल’, बीजेपी-जेडीयू ने दी नसीहत, RJD ने किया समर्थन

पटना: जमुई सांसद चिराग पासवान ने देश की राजधानी दिल्ली के 12 जनपथ स्थित सरकारी आवास में अपने पिता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मूर्ति स्थापित कर दी है. आवास खाली करने का आदेश जारी होने के बाद चिराग द्वारा ऐसा किए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी और जेडीयू ने जहां चिराग की इस हरकत को गलत बताते हुए उन्हें नसीहत दी है. वहीं, आरजेडी ने उनका समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. 

चिराग पासवान बाल हठ कर रहे

जेडीयू एमएलसी ग़ुलाम गौस ने कहा, ” रामविलास पासवान देश के सर्वमान्य नेता रहे हैं. पिछड़ों-दलितों को उन्होंने आवाज देने का काम किया है. वैशाली जिला के विकास में उनका बहुत योगदान रहा है. उनके प्रति हमारे मन में बहुत सम्मान है. ऐसे में मैं केंद्र सरकार से अपील करना चाहता हूं कि बहुत सारे लोगों की स्मृति में स्मारक बनाए गए हैं, ऐसे में रामविलास पासवान के लिए भी ऐसी ही जगह ढूंढ कर जहां लोगों का ध्यान आकृष्ट हो वहां कुछ यादगार बनाना चाहिए.”

उन्होंने कहा, ” चिराग पासवान बाल हठ कर रहे हैं. उन्हें समझना चाहिए कि वे एक सांसद हैं, सब काम के नियम कानून हैं. श्रद्धा वो अपने क्रिया-कलापों से दिखाएं. केवल मूर्ति स्थापित कर देने से क्या होगा. लेकिन केंद्र सरकार को उनके याद में स्मारक बनाना चाहिए. उनका सम्मान होना चहिए.”

थोड़ा और संवेदनशील होने की जरूरत

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि रामविलास पासवान एक बड़े नेता थे. वे दिवंगत हैं और हम सब उनका सम्मान करते हैं. लेकिन जिस तरह से चिराग पासवान ने उनके दिल्ली स्थित आवास में उनकी प्रतिमा स्थापित की, वो गलत है. इन सभी कामों की एक प्रक्रिया होती है. उन्हें गवर्नमेंट को पिटीशन देना चाहिए था. ये हरकत पार्लियामेंट्री प्रोसीजर के खिलाफ है.

बीजेपी प्रवक्ता ने नसीहत देते हुए कहा, ” चिराग पासवान को थोड़ा और संवेदनशील होने की जरूरत है. अन्यथा जिस तरह से वे राजेनीति के हासिये पर जा रहे हैं, वो राजनीति में पिछड़ जाएंगे. उनको और संवेदनशील होकर प्रोटोकॉल के तहत काम करना चाहिए.”

बदला जनता चुनाव में लेगी

इधर, आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ” रामविलास पासवान के निधन को एक साल भी नहीं हुआ है. बीजेपी-जेडीयू ने चिराग पासवान के साथ गलत किया. पहले तो उनके पांच सांसदों को तोड़ा और फिर दिल्ली में जो उनका आवास था, जहां स्मारक बननी चहिए थी, उसे दूसरे को अलॉट कर बंगला खाली करने का दबाव बना रहे हैं. देश के बड़े नेता रामविलास पासवान के साथ जिस तरह का व्यवहार केंद्र सरकार कर रही है, उनकी आत्मा कराह रही होगी. इसका बदला जनता चुनाव में लेगी.

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