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जौहर यूनिवर्सिटी पर बंद होने का संकट मंडराया, आजम खान को लग सकता है बड़ा झटका

Rampur News: उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) में समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म खान (Azam Khan) की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Highcourt) से आज़म खान को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने रामपुर एडीएम (ADM) के आदेश को सही मानते हुए उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. ऐसे में आज़म खान की यूनिवर्सिटी बंद भी हो सकती है.

नियमों को ताक पर रख कर ली गई जमीनें

समाजवादी पार्टी के शासन काल में आज़म खान ने रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया था. यूनिवर्सिटी में बड़ी बड़ी इमारतें खड़ी कर दी गईं, लेकिन यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद रामपुर के भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने शिकायत की थी कि, आजम खान को यूनिवर्सिटी बनाने के लिए यूपी सरकार ने अधिग्रहण कर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जो 471 एकड़ भूमि अधिग्रहण कर दी थी, उस पर नियम शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है. शिकायत की जांच रामपुर के एसडीएम ने की और शिकायत सही पाए जाने पर एडीएम रामपुर की अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट से साढ़े बारह एकड़ जमीन से अधिक सारी ज़मीन सरकार को वापस देने का आदेश सुना दिया.

ये ज़मीन लगभग 471 एकड़ है, जिस पर आज़म खान का ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय खड़ा हुआ है. आज़म खान पर आरोप है कि, उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी में सरकारी ग्राम समाज की ज़मीन, शत्रु संपत्ति, अनुसूचित जाति के लोगों की ज़मीन और किसानों की ज़मीन नियम विरुद्ध कब्जा ली है. रामपुर के 26 किसानों ने आज़म खान के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराये थे. आज़म  फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं और उन पर 100 से अधिक मामले चल रहे हैं. आज़म खान के लिए प्रयागराज हाईकोर्ट का ये फैसला सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. 

किसानों में खुशी की लहर

प्रयागराज हाई कोर्ट के फैसले के बाद जहां रामपुर के पीड़ित किसानों में खुशी की लहर है तो वहीं, आजम खान के समर्थकों में मायूसी देखने को मिल रही है. पीड़ित किसानों का कहना है कि वह कोर्ट के आदेश से खुश हैं और अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी जमीन उन्हें वापस मिल जाएगी या फिर उन्हें जमीन का भरपूर मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, प्रयागराज हाई कोर्ट के फैसले की खबर आने के बाद रामपुर में आजम खान के समर्थकों में मायूसी है यूनिवर्सिटी के गेट पर खड़े आजम खान के समर्थकों का कहना है कि आजम खान ने जो भी जमीन विश्वविद्यालय के लिए खरीदी हैं उसका पैसा देकर किसानों से खरीदी है. कहीं कोई किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ है. आजम खान सीतापुर जेल में बंद हैं. ऐसे में यूनिवर्सिटी को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. इन लोगों का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी शिक्षा का केंद्र है. इससे रामपुर और आसपास के इलाके के छात्र छात्राओं को शिक्षा मिल रही है यूनिवर्सिटी बंद नहीं होनी चाहिए. यूनिवर्सिटी बना कर आज़म खान ने कोई गलत काम नहीं किया है इससे इलाके का विकास भी हुआ है. 

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