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Uttarakhand News: पूर्व मंत्री बोले, मेरा बेटा नहीं मैं चुनाव लड़ूंगा, विपक्ष फैला रहा है भ्रम

रुद्रप्रयाग: पूर्व काबीना मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले में कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि उनका बेटा रुद्रप्रयाग विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहा है. ये लोग झूठी अफवाहें फैलाकर लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. इन लोगों से जनता को सावधान रहने की जरूरत है. रुद्रप्रयाग विधानसभा के विकास को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, जो विकास कार्य पूर्व में नहीं हो पाये हैं, उनको आगे बढ़ाना का कार्य किया जायेगा.

चुनाव नहीं लड़ेगा बेटा

रुद्रप्रयाग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सिंचाई मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि रुद्रप्रयाग विधानसभा का उन्होंने दो बार प्रतिनिधत्व किया है और आज भी जनता उनके किये हुए कार्यो से काफी खुश है. उनके बाद डॉ हरक सिंह रावत एवं भरत सिंह चैधरी रुद्रप्रयाग से विधायक बने, लेकिन दोनों ही नेताओं ने कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया, जिसे जनता याद रख सके. ये दोनों ही नेता अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा. उन्होंने कहा कि उनकी लोकप्रियता आज भी जनता के बीच काफी प्रसिद्ध है. रुद्रप्रयाग विधानसभा की जनता उन्हें पुनः विधायक देखना चाहती है. ऐसे में कुछ लोग बौखलाए हुए हैं और दुष्प्रचार कर रहे हैं और कंडारी अपने बेटे की तैयारियों में जुटा हुआ है. यह सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि राजीव कंडारी का रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का कोई मन नहीं है और 2027 में घनसाली विधानसभा सीट सामान्य होने पर राजीव चुनाव लड़ेगा. 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट मिलने पर वे स्वयं चुनाव लड़ेंगे, अगर टिकट नहीं मिला तो चुनाव भी नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि, राजीव कंडारी का रुद्रप्रयाग विधानसभा में चुनाव लड़ने का कोई औचित्य नहीं है.

मैं वृद्ध नहीं हूं

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग कहते हैं मैं वृद्ध हो गया हूं. मैं उन्हें यह बताना चहता हूं कि मैं वृद्ध जरूर हो गया हूं, लेकिन मुझमे आज भी 25 वर्ष के उम्र के युवा के समान जोश है, जो चढ़ाई युवा नहीं चढ़ पाते हैं, वे आराम से चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भीतर काफी क्षमता है. कुछ अधूरे कार्य रह गये हैं, जिन्हें पूरा करना उनका मकसद है. कंडारी ने कहा कि, जो सड़कें उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुई हैं, उनके नाम परिवर्तन कर कार्य को आगे बढ़ाया गया. डॉ हरक सिंह रावत एवं भरत सिंह चैधरी का कार्यकाल शून्य रहा है. कहा कि जिले में जड़ी बूटी, लैमनग्रास, जड़ी बूटी के क्षेत्र में कार्य किया जाना चाहिए. इससे रोजगार की संभावनाओं को तराशा जा सकता है. 

महिलाओं की समस्याएं

उन्होंने कहा कि, कपास की खेती से लोगों को रोजगार दिया जा सकता है. इसके लिए प्रयास करने की आवश्यकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाएं पीठ पर बोझा ढोने को मजबूर हैं. महिलाओं के लिए सिलाई, बुनाई के साथ अन्य हल्का कार्य दिया जाना चाहिए, जिससे वे अपनी आजीविका को चला सकें. इसके अलावा उन्होंने कहा कि, जब वे सिंचाई मंत्री थे तो उस दौरान नलकूप योजना के जरिये ग्रामीणों को लाभ दिया गया, जबकि ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप लगाये गये. इन हैंडपंपों का जनता को लाभ मिल रहा है. जिले में चिकित्सकों की कमी दूर हुई है, लेकिन दुर्भाग्यपूण है कि, जिन चिकित्सकों की नियुक्ति हो रही है, वे ट्रांसफर करवा रहे हैं। यह नीति बंद होनी चाहिए.

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