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किसान महापंचायत के लिए मुजफ्फऱनगर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम, प्रशासन ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

Kisan Mahapanchayat in Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में होने वाली 5 सितंबर को किसानों की महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. वहीं, दूसरे राज्यों से आने वाले किसानों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जगह-जगह  कैंप बनाए गए हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं (Health Services) के लिए CHC और PHC पर डॉक्टरों को अभी से तैनात किया गया है, ताकि नियमों का पालन करते हुए किसान महापंचायत को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके.

डीआईजी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा 

सहारनपुर रेंज के डीआईजी डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह ने मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक यादव के साथ सभा स्थल का निरीक्षण कर भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और पदाधिकारियों को बताया कि, नियमों का पालन करना अनिवार्य है. इलेक्ट्रिसिटी वायर को सुरक्षित ढंग से लगाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी को करंट ना लगे और सभा स्थल को सेक्टरों में बांटा जाए ताकि महिला किसान और पुरुष किसानों को अलग-अलग बैठाने की व्यवस्था हो. साथ ही मंच पर जो भी नेता गण बैठेंगे उनकी लिस्ट उपलब्ध कराई जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि जो किसान महापंचायत में आएंगे वह शांतिपूर्ण ढंग से महापंचायत में शामिल होंगे.

सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम

एबीपी गंगा से खास बातचीत के दौरान DIG प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ करीब एक हजार से ज्यादा मेरठ जोन से आई पुलिस फोर्स को सुरक्षा में लगाया गया है. कानून व्यवस्था बिगड़ने ना पाए इसके लिए सभी चौराहों और मार्गों पर 7 कंपनी पीएसी, RRF और सीआईएसफ के जवानों को भी पुलिस फोर्स के साथ तैनात किया गया है, ताकि कानून व्यवस्था चुस्त और दुरुस्त रहें. 

इतना ही नहीं पूरे जिले को ड्रोन कैमरे से निगरानी में रखा गया है, साथ ही उन सभी मार्गों पर 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन मार्गों से होते हुए किसान सभा स्थल पहुंचेंगे, ताकि किसानों के हर एक मूवमेंट पर प्रशासन की नजर रहे, अगर कोई भी किसान या किसानों के बीच में घुसकर कोई अराजक तत्व माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करें तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके. 

किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण 

किसान महापंचायत के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी अमित कुमार ने एबीपी गंगा से खास बातचीत के दौरान प्रशासन द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी इस वक्त पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, लिहाजा इस महामारी को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह पर स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र बनाए गए हैं ताकि अन्य राज्यों से आने वाले किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके.

इसके अलावा किसानों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सीएचसी और पीएचसी सेवाओं को सुचारू रूप से चलने के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है. ताकि किसानों के लिए स्वास्थ्य सुविधा 24 घण्टे उपलब्ध रह सके. 

वहीं, प्रशासन का मानना है कि, मुजफ्फरनगर जिले में कोरोना संक्रमण का कोई भी केस अभी नहीं है, ऐसे में अन्य राज्यों से आने वाले किसानों से दिल्ली में कोरोना संक्रमण न फैले इसके लिए किसान नेताओं से कहा गया है कि, हर किसान मास्क लगाकर ही सभा स्थल में पहुंचे. साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण उसका पार्किंग और सभा स्थल के आसपास कोरोना स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र भी बनाया गया है ताकि किसान आसानी से अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराकर सभा स्थल पर जा सके. 

20 जगह पार्किंग स्थल

महापंचायत को देखते हुए जिले में करीब 20 जगह पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं. इसके अलावा जिले में करीब 40 जगहों पर स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र तैयार किए गए हैं, ताकि किसानों के स्वास्थ्य परीक्षण में कोई दिक्कत ना आए इसके अलावा जगह-जगह पर शौचालय तैयार किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत ना हो और महापंचायत शांतिपूर्ण ढंग से सफल हो सके.

प्रशासन ने किसान महापंचायत के लिए तैयार हो रहे पंडाल का जायजा भी लिया. साथ ही नगर निगम की टीम और बिजली विभाग की टीम भी मौजूद थी जिसने इलेक्ट्रिक वायर का निरीक्षण किया ताकि बरसात के समय पर महापंचायत के दौरान कोई भी किसान किसी हादसे का शिकार ना हो पाए. सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए प्रशासन हर एक खामियों की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि प्रशासन की तरफ से कोई लापरवाही ना होने पाए. 

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