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जानिये कौन है भारत के सबसे बड़े दानवीर ! Rakesh Jhunjhunwala ने दी कितनी रकम ?

India Biggest Philanthropists : सॉफ्टवेयर प्रमुख विप्रो  ( Wipro) के संस्थापक अजीम प्रेमजी ( Azim Premji) की गिनती भारत के सबसे परोपकारी रईसों (philanthropist ) में होती है. और एक बार फिर परोपकारी अरबपतियों ( Billionaires)  की सूची में अजीम शीर्ष स्थान पर बने हुये है. अजीम प्रेमजी ने वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 9,713 करोड़ रुपये दान में दे दिये. यानि प्रति दिन 27 करोड़ रुपये उन्होंने दान में दे दिया.  

हर दिन 27 करोड़ रुपये का दान

हुरुन इंडिया के 2021 के परोपकार सूची के मुताबिक अजीम प्रेमजी ने 2019-20 के मुकाबले 2020-21 वित्त वर्ष में 23 फीसदी ज्यादा दान दिया है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने दस राज्यों में महामारी के चलते टीकाकरण का काम तेज करने के लिये आवंटित धन 1,125 करोड़ रुपये से बढाकर 2,125 करोड़ रुपये कर दिया. साथ ही उन्होंने भरोसा दिया है कि जरुरत पड़ने पर दान की राशि को बढ़ाने का भरोसा दिया है.  

शिव ऩादर दूसरे नंबर पर

HCL Technologies के फाउंडर और अध्यक्ष शिव नादर ( Shiv Nadar )दान देने वाले सूची में दूसरी स्थान पर हैं. उन्होंने अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है. शिव नादर ने 1,263 करोड़ रुपये दान में दिये हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ( Mukesh Ambani )ने 2020-21 वित्त वर्ष के दौरान 577 करोड़ दान में दिये और वे इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं. आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला 377 करोड़ रुपये के योगदान के साथ सूची में चौथे स्थान पर है.  

नंदन नीलेकणि ने दिया ज्यादा दान

इंफोसिस ( Infosys) के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ( Nandan Nilekani) ज्यादा दान देकर सूची में दो स्थान बढ़कर पांचवे पायदान पर आ गये हैं. उन्होंने कुल 183 करोड़ रुपये दान में दिये हैं. हिंदुजा परिवार 166 करोड़ रुपये के दान के साथ छठे स्थान पर है. बजाज परिवार 136 करोड़ रुपये के दान के साथ हुरुन इंडिया परोपकार सूची में सातवें स्थान पर है. आठवें स्थान पर संयुक्त रूप से गौतम अडानी और अनिल अग्रवाल ने 130 करोड़ रुपये दान में दिये. डाबर समूह का बर्मन परिवार 114 करोड़ रुपये के दान के साथ दसवें स्थान पर है. डाबर परिवार के दान में 502 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. लार्सन एंड टुब्रो के पूर्व अध्यक्ष एएम नाइक 112 करोड़ रुपये के दान के साथ सूची में 11 वें स्थान पर हैं, जिन्होंने धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए अपनी आय का 75 प्रतिशत देने का वचन दिया है.

राकेश झुनझुनवाला सबसे उदार दानवीर

इस वर्ष सूची में 17 जोड़ियाँ देखी गईं, जिसमें कुल 261 करोड़ रुपये दान में दिये. शेयर बाजार के सबसे धाकड़ निवेशक राकेश झुनझुनवाला ( Rakesh Jhunjhunwala) 50 करोड़ रुपये के दान देने के साथ सबसे उदार प्रवेशकर्ता के रूप में एडेलगिव हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2021 में शामिल हो गये.  जिरोधा ( Zerodha) के सह-संस्थापक नितिन और निखिल कामथ ने जलवायु परिवर्तन के समाधान पर काम करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और कंपनियों का समर्थन करने के लिए अगले कुछ वर्षों में 750 करोड़ रुपये देने का वादा किया है वे सूची में 35वें स्थान पर हैं. 35 वर्षीय निखिल कामथ सूची में सबसे कम उम्र के दानवीर हैं.  

महिलायें भी दान देने में आगे

हुरुन इंडिया परोपकार सूची में इस साल नौ महिलाओं को शामिल किया गया है. Rohini Nilekani Philanthropies की रोहिणी नीलेकणि ने 69 करोड़ रुपये दान में दिये. USV की लीना गांधी तिवारी ने 24 करोड़ रुपये का दान दिया, और थर्मेक्स की अनु आगा ने 20 करोड़ रुपये. वर्तमान में, अधिकांश दान का पैसा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे बुनियादी जरुरतों को पूरा करने के लिये जा रहा है.

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